---------Sponsered Searches---------

Basant Panchami 2020 : Vasant Panchami Date, Time and Shubh Muhurat of Saraswati Puja

Basant Panchami (Vasant Panchami) वसंत पंचमी 2020 : Date, Time and Shubh Muhurat of Saraswati Puja. Saraswati Puja, Aarti, Slokas, Mantra, Geet in Hindi, Sanskrit, Bengali, Tamil, Telugu and other languages. Saraswati Puja Method, Vidhi, Significance, Importance and Celebrations. सरस्वती पूजा की तारीख, तिथि मुहूर्त

---------Sponsered Ads---------

Basant Panchami

Basant Panchami 2020: 29 जनवरी को है बसंत पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विध‍ि, महत्‍व और मान्‍यताएं : Basant Panchami, which is also known as Saraswati Puja, is a Hindu festival that is celebrated to worship Goddess Saraswati. The festival is celebrated on the fifth day of the month of ‘Magh’, that is the onset of the spring season. Basant Panchami also announces the arrival of ‘Holi’.

Basant Panchami Wishes Quotes : Check Here

Basant Panchami 2020: Date, Time and Shubh Muhurat of Saraswati Puja
Basant Panchami 2020: Date, Time and Shubh Muhurat of Saraswati Puja
Basant Panchami Celebration 2020
Name of Festival Basant Panchami, Vasant Panchami, Saraswati Puja, Sri Panchami, Hari Raya Saraswati
Observed by Hindus, Sikhs and Jains in India, Nepal, Bangladesh, Pakistan, Java and Bali (Indonesia)
Significance Spring, harvest, goddess Saraswati. Vasant Panchami welcomes spring, people dress in yellow to mark flowering mustard fields.
Type Indian Cultural
Celebrations Saraswati Puja, Kite flying.
Celebration Date 2020 29 January (Wednesday)

Vasant Panchami Celebrations

The festival of Basant Panchami (Hindi: बसंत पंचमी, Gujarati: વસંતપંચમી, Punjabi: ਬਸੰਤ ਪੰਚਮੀ) or Vasant Panchami is also known as ‘Saraswati Panchami’ or ‘Shri Panchami’ is a popular festival in India. On this day Hindus offer Saraswati Puja to worship Goddess Saraswati, the Goddess of wisdom, knowledge, arts and music, with complete devotion and gaiety.

Basant Panchami 2020 : Vasant Panchami Wishes Images Wallappers Download Greening SMS Messages Whatsapp, facebook, instagram, twitter status, stickers in hindi sanskrit updates
Basant Panchami 2020 : Vasant Panchami Wishes Images Wallappers Download Greening SMS Messages Whatsapp, facebook, instagram, twitter status, stickers in hindi sanskrit updates

Basant Panchami is celebrated on the ‘Panchami’ (5th day) of the Shukla Paksha (bright fortnight of moon) in the month of ‘Magha’ in Hindu calendar, which corresponds to the month of January-February in the English calendar. It marks the beginning of the spring season or Vasant Ritu in India.

Basant Panchami HD Wallpapers Images Quotes : Check Here

Goddess Saraswati – Vasant Panchami Significance

  • Vasant Panchami is a festival that marks the beginning of preparations for the King of all Seasons, Spring. It is celebrated by people in various ways depending on the region.
  • Vasant Panchami also marks the start of preparation for holiday and Holi which occurs forty days later.
  • For many Hindus, Vasant Panchami is the festival dedicated to goddess Saraswati who is their goddess of knowledge, language, music and all arts.
  • She symbolizes creative energy and power in all its form, including longing and love (kama).

Basant Panchami – Saraswati Puja Date, Time and Shubh Muhurat (सरस्वती पूजा की तारीख, तिथि मुहूर्त)

Basant Panchami - Saraswati Puja Date, Time and Shubh Muhurat (सरस्वती पूजा की तारीख, तिथि मुहूर्त)
Basant Panchami – Saraswati Puja Date, Time and Shubh Muhurat (सरस्वती पूजा की तारीख, तिथि मुहूर्त)

Vasant Panchami is celebrated every year on the fifth day of the bright half of the Hindu luni-solar calendar month of Magha, which typically falls in late January or February. Spring is known as the “King of all Seasons”, so the festival commences forty days in advance.

Saraswati Puja on Vasant Panchami Muhurat (बसंत पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त)

Vasant Panchami on Wednesday, January 29, 2020
Vasant Panchami Muhurat – 10:45 AM to 12:34 PM
Duration – 01 Hour 49 Mins

Vasant Panchami Madhyahna Moment – 12:34 PM
Panchami Tithi Begins – 10:45 AM on Jan 29, 2020
Panchami Tithi Ends – 01:19 PM on Jan 30, 2020

इस दिन होगी सरस्‍वती पूजा

माघ महीने में शुक्‍ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इसी दिन ज्ञान व बुद्धि की कामना को लेकर देवी सरस्‍वती का पूजन व आराधना की जाती है। इस वर्ष पंचमी तिथि 29 जनवरी को लग रही है व 30 जनवरी को समाप्‍त होगी। ऐसे में ज्‍योतिषयों के अलग-अलग मत सामने आए हैं। बहरहाल हिंदू धर्म में उदयातिथि के महत्‍व को देखते हुए वसंत पंचमी का पर्व 30 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्‍योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार उदयातिथि ही ग्राह्य है ऐसे में 30 तारीख को ह बसंत पंचमी का पर्व होगा व इसी दिन सरस्‍वती पूजन होगा।

Basant Panchami Whatsapp Stickers Facebook Status Quotes : Check Here

सरस्वती पूजा विधि और मंत्र (Goddess Saraswati Puja Vidhi and Mantra)

मां सरस्वती की प्रतिमा अथवा तस्वीर को सामने रखकर उनके सामने धूप-दीप, अगरबत्ती, गुगुल जलाएं जिससे वातावरण में सकारात्मक उर्जा का संचार हो और आसपास से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाएगी।

सरस्वती पूजा विधि और मंत्र (Goddess Saraswati Puja Vidhi and Mantra)
सरस्वती पूजा विधि और मंत्र (Goddess Saraswati Puja Vidhi and Mantra)

प्रात:काल स्नानादि कर पीले वस्त्र धारण करें. मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात क्लश स्थापित कर भगवान गणेश और नवग्रह की विधिवत पूजा करें. फिर मां सरस्वती की पूजा करें. मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन और स्नान कराएं. फिर माता का श्रृंगार कराएं. माता श्वेत वस्त्र धारण करती हैं इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं. प्रसाद के रुप में खीर अथवा दूध से बनी मिठाईयां अर्पित करें. श्वेत फूल माता को अर्पण करें.

कुछ क्षेत्रों में देवी की पूजा कर प्रतिमा को विसर्जित भी किया जाता है. विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम और पुस्तकों का दान करें. संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगा कर मां की आराधना करें व मां को बांसुरी भेंट करें.

Saraswati Puja Vidhi

This Puja Vidhi is given for new Pratima or Murti (मूति॔) of Goddess Saraswati. The given Puja Vidhi includes all sixteen steps of worship which is known as Shodashopachara Puja (षोडशोपचार पूजा).

  1. Dhyana (ध्यान)
  2. Avahana (आवाहन)
  3. Asana (आसन)
  4. Padya (पाद्य)
  5. Arghya (अर्घ्य)
  6. Achamaniya (आचमनीय)
  7. Snana (स्नान)
  8. Panchamrita Snana (पञ्चामृत स्नान)
  9. Shuddhodaka Snana (शुद्धोदक स्नान)
  10. Gandha Snana (गन्ध स्नान)
  11. Vastra (वस्त्र)
  12. Gandha (गन्ध)
  13. Saubhagyadravyam (सौभाग्यद्रव्यम्)
  14. Alankara (अलङ्कार)
  15. Pushpa (पुष्य)
  16. Dhupam (धूपम्)
  17. Deepam (दीपम्‌)
  18. Naivedya (नैवेद्य)
  19. Achamaniyam (आचमनीयम्‌)
  20. Tambulam (ताम्बूलम्‌)
  21. Dakshina (दक्षिणा)
  22. Aarti (आरती)
  23. Pradakshina (प्रदक्षिणा)
  24. Pushpanjali (पुष्पाञ्जलि)
  25. Sashtanga Pranam (साष्टाङ्ग प्रणाम)

Saraswati Puja Vidhi Complete

मां सरस्‍वती का मंत्र (Maa Saraswati Mantra)

मां सरस्वती की आराधना करते वक्‍त इस श्‍लोक का उच्‍चारण करना चाहिए:

ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।
रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।वन्दे भक्तया वन्दिता च मुनीन्द्रमनुमानवै:।

जो लोग सरस्वती के कठिन मंत्र का जप नहीं कर सक‍ते उनके लिए प्रस्तुत है मां सरस्वती का सरल अष्टाक्षर मंत्र। इस मंत्र का पाठ नित्य करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है। यह मंत्र देवी सरस्वती का मूल मंत्र है : –
* ‘शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे।
सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू।’

* श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा।

* ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।

– जब भी देवी सरस्वती की पूजा करें तथा भोग अर्पित करें तो इस मंत्र का जाप 108 बार अवश्य करें। यह मंत्र हर विद्यार्थी को परीक्षा दिलाने में और उनकी बुद्धि को पढ़ाई में एकाग्रता लाने का कार्य कर‍ता है।

Basant Panchami Wishes Greetings Cards : Check Here

सरस्‍वती वंदना (Saraswati Vandana in Sanskrit)

Saraswati Stotram is one of the Stotrams of Saraswati Mata. This Stotram is recited on various occasions related to Goddess Saraswati.

॥ श्री सरस्वती स्तोत्रम् ॥

या कुन्देन्दु तुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैस्सदा पूजिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निश्शेषजाड्यापहा ॥ १॥
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिं स्फटिकमणिनिभै रक्षमालान्दधाना
हस्तेनैकेन पद्मं सितमपिच शुकं पुस्तकं चापरेण ।
भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना
सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना ॥ २॥
सुरासुरासेवितपादपङ्कजा करे विराजत्कमनीयपुस्तका ।
विरिञ्चिपत्नी कमलासनस्थिता सरस्वती नृत्यतु वाचि मे सदा ॥ ३॥
सरस्वती सरसिजकेसरप्रभा तपस्विनी सितकमलासनप्रिया ।
घनस्तनी कमलविलोललोचना मनस्विनी भवतु वरप्रसादिनी ॥ ४॥
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥ ५॥
सरस्वति नमस्तुभ्यं सर्वदेवि नमो नमः ।
शान्तरूपे शशिधरे सर्वयोगे नमो नमः ॥ ६॥
नित्यानन्दे निराधारे निष्कलायै नमो नमः ।
विद्याधरे विशालाक्षि शुद्धज्ञाने नमो नमः ॥ ७॥
शुद्धस्फटिकरूपायै सूक्ष्मरूपे नमो नमः ।
शब्दब्रह्मि चतुर्हस्ते सर्वसिद्‍ध्यै नमो नमः ॥ ८॥
मुक्तालङ्कृत सर्वाङ्ग्यै मूलाधारे नमो नमः ।
मूलमन्त्रस्वरूपायै मूलशक्त्यै नमो नमः ॥ ९॥
मनो मणिमहायोगे वागीश्वरि नमो नमः ।
वाग्भ्यै वरदहस्तायै वरदायै नमो नमः ॥ १०॥
वेदायै वेदरूपायै वेदान्तायै नमो नमः ।
गुणदोषविवर्जिन्यै गुणदीप्त्यै नमो नमः ॥ ११॥
सर्वज्ञाने सदानन्दे सर्वरूपे नमो नमः ।
सम्पन्नायै कुमार्यै च सर्वज्ञ ते नमो नमः ॥ १२॥
योगानार्य उमादेव्यै योगानन्दे नमो नमः ।
दिव्यज्ञान त्रिनेत्रायै दिव्यमूर्त्यै नमो नमः ॥ १३॥
अर्धचन्द्रजटाधारि चन्द्रबिम्बे नमो नमः ।
चन्द्रादित्यजटाधारि चन्द्रबिम्बे नमो नमः ॥ १४॥
अणुरूपे महारूपे विश्वरूपे नमो नमः ।
अणिमाद्यष्टसिद्धायै आनन्दायै नमो नमः ॥ १५॥
ज्ञान विज्ञान रूपायै ज्ञानमूर्ते नमो नमः ।
नानाशास्त्र स्वरूपायै नानारूपे नमो नमः ॥ १६॥
पद्मदा पद्मवंशा च पद्मरूपे नमो नमः ।
परमेष्ठ्यै परामूर्त्यै नमस्ते पापनाशिनी ॥ १७॥
महादेव्यै महाकाल्यै महालक्ष्म्यै नमो नमः ।
ब्रह्मविष्णुशिवायै च ब्रह्मनार्यै नमो नमः ॥ १८॥
कमलाकरपुष्पा च कामरूपे नमो नमः ।
कपालि कर्मदीप्तायै कर्मदायै नमो नमः ॥ १९॥
सायं प्रातः पठेन्नित्यं षाण्मासात्सिद्धिरुच्यते ।
चोरव्याघ्रभयं नास्ति पठतां श्रृण्वतामपि ॥ २०॥
इत्थं सरस्वतीस्तोत्रमगस्त्यमुनिवाचकम् ।
सर्वसिद्धिकरं नॄणां सर्वपापप्रणाशनम् ॥ २१॥

॥ इति श्रीसरस्वती स्तोत्रम् संपूर्णं ॥

सरस्वती वंदना : हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी (Saraswati Vandana in Hindi)

माँ सरस्वती वंदना गीत – 1

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

जग सिरमौर बनाएं भारत,
वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

साहस शील हृदय में भर दे,
जीवन त्याग-तपोमर कर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे,
स्वाभिमान भर दे। स्वाभिमान भर दे॥1॥

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

लव, कुश, ध्रुव, प्रहलाद बनें हम
मानवता का त्रास हरें हम,
सीता, सावित्री, दुर्गा मां,
फिर घर-घर भर दे। फिर घर-घर भर दे॥2॥

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

माँ सरस्वती वंदना गीत – 2

मुझको नवल उत्थान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

 

मां शारदे! हंसासिनी!
वागीश! वीणावादिनी!
मुझको अगम स्वर-ज्ञान दो।।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

 

निष्काम हो मन कामना,
मेरी सफल हो साधना,
नव गति, नई लय तान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

 

हो सत्य जीवन-सारथी,
तेरी करूँ नित आरती,
समृद्धि, सुख, सम्मान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

 

मन, बुद्धि, हृदय पवित्र हो,
मेरा महान चरित्र हो,
विद्या, विनय, बल दान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

 

सौ वर्ष तक जीते रहें,
सुख-अमिय हम पीते रहें,
निज चरण में सुस्थान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।
यह विश्व ही परिवार हो,
सबके लिए सम प्यार हो,

‘आदेश’ लक्ष्य महान दो।
माँ सरस्वती! वरदान दो।।

Basant Panchami festival dates between 2017 & 2027

Year Date
2017 Wednesday, 1st of February
2018 Monday, 22nd of January
2019 Sunday, 10th of February
2020 Thursday, 30th of January
2021 Tuesday, 16th of February
2022 Saturday, 5th of February
2023 Thursday, 26th of January
2024 Wednesday, 14th of February
2025 Sunday, 2nd of February
2026 Friday, 23rd of January
2027 Thursday, 11th of February

Frequently Asked Question-

Why do people worship Goddess Saraswati?

Goddess Saraswati is worshipped on Basant Panchami. People worship her to get enlighten with knowledge and get rid of their lethargy, sluggishness and ignorance. Goddess Saraswati symbolises creative energy and power in all its form, including longing and love (kama).

What is the date, timing and Muhurat for worship Goddess Saraswati?

Basant Panchami 2020 – Saraswati Puja Muhurat, Other Important Timings

Sunrise 30 January, 2020 07:11 AM.
Sunset 30 January, 2020 06:08 PM.
Panchami Tithi Begins 29 January, 2020 10:46 AM.
Panchami Tithi Ends 30 January, 2020 01:19 PM.
Basant Panchami Puja Muhurta January 29, 10:46 AM – January 30, 12:40 PM
Basant Panchami Madhyahna Moment 30 January, 2020 12:40 PM.

 

Leave a Comment

---------Sponsered Ads---------